अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद की आठ वर्षीय स्केटिंग खिलाड़ी ताक्षवी वाघाणी ने अपनी शानदार प्रतिभा से पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन किया है। ताक्षवी ने लिम्बो स्केटिंग में नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। उन्होंने महज 16 सेंटीमीटर ऊंचाई के नीचे स्केटिंग करते हुए नया रिकॉर्ड बनाया। यह रिकॉर्ड उन्होंने 10 मीटर की दूरी तय कर बनाया, जिसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने आधिकारिक रूप से मान्यता दी है।
16 सेंटीमीटर की ऊंचाई के नीचे किया कमाल
ताक्षवी ने स्केटिंग करते हुए जमीन से केवल 16 सेंटीमीटर ऊपर लगी बार के नीचे से सफलतापूर्वक 10 मीटर की दूरी पूरी की। इस अद्भुत प्रदर्शन के साथ उन्होंने दुनिया का सबसे कम ऊंचाई पर लिम्बो स्केटिंग करने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
पहले भी बना चुकी हैं कई रिकॉर्ड
यह ताक्षवी का पहला विश्व रिकॉर्ड नहीं है। इससे पहले भी वह वर्ष 2024 में 25 मीटर लिम्बो स्केटिंग में 16 सेंटीमीटर की ऊंचाई पर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बना चुकी हैं। इसके अलावा उनके नाम Golden Book of World Records, India Book of Records और International Book of Records में भी कई उपलब्धियां दर्ज हैं। अब यह उनका पांचवां विश्व रिकॉर्ड माना जा रहा है।
4 साल की उम्र से शुरू की स्केटिंग
ताक्षवी ने केवल चार साल की उम्र में स्केटिंग सीखना शुरू किया था। लगातार अभ्यास, अनुशासन और परिवार व कोच के सहयोग की बदौलत उन्होंने कम उम्र में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना ली। वह रोज कई घंटे अभ्यास करती हैं और कठिन चुनौतियों के लिए खुद को तैयार करती हैं।
पढ़ाई और खेल में भी अव्वल
स्केटिंग के अलावा ताक्षवी पढ़ाई में भी शानदार प्रदर्शन करती हैं। वह कराटे में ग्रीन बेल्ट हासिल कर चुकी हैं और कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा दिखा चुकी हैं। उन्होंने टीवी शो India’s Got Talent में भी अपनी स्केटिंग का प्रदर्शन किया था।
भारत का बढ़ाया मान
ताक्षवी वाघाणी की इस उपलब्धि ने न केवल गुजरात बल्कि पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। इतनी कम उम्र में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना उनकी मेहनत, लगन और प्रतिभा का प्रमाण है। उनकी सफलता देश के लाखों बच्चों के लिए प्रेरणा बन गई है।
निष्कर्ष
महज आठ साल की उम्र में ताक्षवी वाघाणी ने यह साबित कर दिया है कि अगर जुनून, मेहनत और सही मार्गदर्शन मिले तो कोई भी सपना असंभव नहीं होता। उनका नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भारतीय खेल जगत के लिए गर्व का विषय है और आने वाली पीढ़ी को बड़े सपने देखने की प्रेरणा देता है।



