नई दिल्ली: छात्र आंदोलन से जुड़े Cockroach Janta Party (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार विवाद उनके दिल्ली स्थित किराए के घर और आंदोलन की फंडिंग को लेकर उठे सवालों को लेकर है। सोशल मीडिया पर उनके घर का पता और किराए से जुड़ी जानकारी वायरल होने के बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया है।
क्या है पूरा मामला?
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट में दावा किया गया कि सौरव दास जिस घर में रहते हैं, उसका किराया और आंदोलन के खर्च का स्रोत सवालों के घेरे में है। इसके बाद कई लोगों ने आंदोलन की फंडिंग को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
सौरव दास ने क्या कहा?
सौरव दास ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके खिलाफ झूठी और भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है। उनका कहना है कि वह किसी सरकारी बंगले में नहीं, बल्कि किराए के मकान में रहते हैं और इसे लेकर फैलाए जा रहे दावे गलत हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन की फंडिंग को लेकर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं और उनका उद्देश्य आंदोलन की छवि खराब करना है।
घर में घुसने की कोशिश का आरोप
सौरव दास ने दावा किया कि सोशल मीडिया पर उनका पता सार्वजनिक होने के बाद कुछ यूट्यूबर्स और मीडिया से जुड़े लोग उनके घर तक पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने बिना अनुमति घर में प्रवेश करने की कोशिश की, जिसे उन्होंने अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया।
इस मामले में उन्होंने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है।
फंडिंग पर उठे सवाल
इससे पहले कुछ नेताओं और सोशल मीडिया यूजर्स ने CJP आंदोलन के खर्च और फंडिंग को लेकर सवाल उठाए थे। हालांकि, संगठन की ओर से इन आरोपों को राजनीतिक बताया गया और कहा गया कि आंदोलन पूरी पारदर्शिता के साथ चलाया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
इस पूरे विवाद के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस देखने को मिल रही है। एक पक्ष सौरव दास की निजता का सम्मान करने की बात कर रहा है, जबकि दूसरा पक्ष आंदोलन की फंडिंग को लेकर अधिक पारदर्शिता की मांग कर रहा है। फिलहाल पुलिस शिकायत के बाद मामले की जांच जारी है।



