मुंबई: बॉलीवुड के मशहूर फिल्म निर्माता और निर्देशक महेश भट्ट ने साफ कर दिया है कि वह अब दोबारा किसी फिल्म का निर्देशन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि आज के दौर में फिल्मों का कंटेंट पहले से तय फॉर्मूले के हिसाब से बनाया जाता है, जिससे कलाकार की रचनात्मक आजादी काफी कम हो गई है।
‘अब निर्देशन में लौटने का कोई इरादा नहीं’
एक बातचीत के दौरान महेश भट्ट ने कहा कि अब उनका निर्देशन में वापसी का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने बताया कि फिल्मों पर चर्चा करना, नए कलाकारों को प्रोत्साहित करना और थिएटर से जुड़े रहना उन्हें ज्यादा संतुष्टि देता है। उनके अनुसार, अब वह निर्देशक के रूप में नहीं, बल्कि सिनेमा के एक दर्शक और मार्गदर्शक की भूमिका में खुश हैं।
‘फिल्मों का कंटेंट पहले से तय होता है’
महेश भट्ट का मानना है कि आज की फिल्म इंडस्ट्री में रचनात्मक स्वतंत्रता पहले जैसी नहीं रही। उन्होंने कहा कि अब फिल्मों की कहानी और कंटेंट पहले से तय फॉर्मूले के आधार पर तैयार किए जाते हैं। ऐसे माहौल में एक कलाकार या निर्देशक के लिए अपनी सोच के मुताबिक काम करना मुश्किल हो जाता है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब सब कुछ पहले से तय हो, तो कलाकार की वास्तविक भूमिका क्या रह जाती है।
1999 में छोड़ा था निर्देशन, 2020 में की थी वापसी
महेश भट्ट ने 1999 में निर्देशन से संन्यास लेने का फैसला किया था। हालांकि, उन्होंने साल 2020 में फिल्म ‘सड़क 2’ के जरिए एक बार फिर निर्देशक की कुर्सी संभाली थी। लेकिन अब उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वह दोबारा निर्देशन नहीं करेंगे।
कई यादगार फिल्मों का किया निर्देशन
महेश भट्ट ने अपने करियर में अर्थ, सारांश, नाम, आशिकी, दिल है कि मानता नहीं, सड़क, सर और जख्म जैसी कई चर्चित फिल्मों का निर्देशन किया। उनकी फिल्मों ने हिंदी सिनेमा को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई और कई कलाकारों के करियर को नई पहचान दिलाई।



