दिल्ली में चल रहे आंदोलन के बीच सोनम वांगचुक के तीन साथियों ने 23 दिन की भूख हड़ताल के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। डॉक्टरों की सलाह और स्वास्थ्य को देखते हुए यह फैसला लिया गया। इसके बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सोनम वांगचुक भी अपनी भूख हड़ताल खत्म करेंगे।
क्या वांगचुक भी तोड़ेंगे अनशन?
सोनम वांगचुक ने संकेत दिया है कि वह कुछ शर्तें पूरी होने पर अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त करने को तैयार हैं। उनका कहना है कि यदि सरकार जवाबदेही स्वीकार करे या राजनीतिक दल संसद में उनके उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से उठाने का भरोसा दें, तो वह अपना अनशन खत्म कर सकते हैं।
अस्पताल में चल रहा इलाज
सोनम वांगचुक फिलहाल दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत स्थिर है, लेकिन लंबे समय से चल रही भूख हड़ताल के कारण उनका शरीर काफी कमजोर हो गया है। मेडिकल टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है और आवश्यक उपचार दिया जा रहा है।
आंदोलन पर सभी की नजर
वांगचुक की भूख हड़ताल और संसद मार्च को लेकर देशभर में चर्चा हो रही है। समर्थकों का मानना है कि बातचीत के जरिए समाधान निकलना चाहिए, जबकि सभी की निगाह इस बात पर टिकी है कि सरकार और आंदोलनकारी आगे क्या फैसला लेते हैं।
निष्कर्ष
तीन साथियों द्वारा 23 दिन बाद अनशन समाप्त किए जाने के बाद अब सबसे बड़ी उत्सुकता सोनम वांगचुक के अगले कदम को लेकर है। उन्होंने साफ किया है कि यदि उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक पहल होती है, तो वह भी अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने पर विचार कर सकते हैं। फिलहाल उनकी सेहत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं और आंदोलन से जुड़े घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं।



