नई दिल्ली / वॉशिंगटन: ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के बीच कनाडाई मूल के इतिहासकार और भू-राजनीतिक विश्लेषक जियांग शुएछिन ने एक विवादित भविष्यवाणी कर हलचल मचा दी है। उनका दावा है कि यदि युद्ध की दिशा अमेरिका के अनुकूल नहीं रही, तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान में जमीनी सेना भेज सकते हैं।
जियांग इससे पहले 2024 के अमेरिकी चुनाव में ट्रम्प की जीत और 2025 में ईरान के साथ युद्ध की संभावना का अनुमान जता चुके थे। अब उनका कहना है कि यह संघर्ष अमेरिका के लिए महंगा और दीर्घकालिक साबित हो सकता है।
“अमेरिका की सैन्य संरचना पुरानी सोच पर आधारित”
जियांग का तर्क है कि अमेरिकी सेना शीत युद्ध के दौर की रणनीतियों पर आधारित है, जहां सैन्य शक्ति का प्रदर्शन और दबदबा बनाना मुख्य उद्देश्य था। उनके अनुसार, आधुनिक 21वीं सदी के युद्ध जो ड्रोन, साइबर हमलों और असममित रणनीतियों पर आधारित हैं। अमेरिका की भारी-भरकम और महंगी सैन्य मशीनरी उतनी प्रभावी नहीं है।
वे यह भी कहते हैं कि ईरान पिछले दो दशकों से इस प्रकार के संघर्ष की तैयारी कर रहा है। उनके अनुसार, यह अब “क्षय का युद्ध” (war of attrition) बन चुका है, जिसमें धैर्य और दीर्घकालिक रणनीति निर्णायक होगी।
जमीनी सेना क्यों भेज सकते हैं ट्रम्प?
अमेरिका के कई सैन्य रणनीतिकार जमीनी सैनिक भेजने को जोखिम भरा कदम मानते हैं। फिर भी जियांग का मानना है कि यदि हालात बिगड़ते हैं, तो ट्रम्प कांग्रेस से अनुमति लेकर “आपातकालीन युद्ध शक्तियां” हासिल कर सकते हैं।
उनका दावा है कि ऐसा कदम घरेलू राजनीति से भी जुड़ा हो सकता है। युद्धकालीन माहौल में राष्ट्रीय एकजुटता बढ़ती है और इससे चुनावी समीकरण प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि यह विश्लेषण राजनीतिक अटकलों पर आधारित है और इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
खाड़ी देशों पर दबाव
जियांग के अनुसार, ईरान की रणनीति केवल अमेरिका को निशाना बनाना नहीं, बल्कि खाड़ी देशों पर दबाव बनाना भी है। उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और तेल निर्यात वैश्विक बाजार के लिए महत्वपूर्ण है। यदि यह आपूर्ति बाधित होती है, तो इसका असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था और वैश्विक वित्तीय बाजारों पर पड़ सकता है।
हालांकि, कई अर्थशास्त्री इस दावे से सहमत नहीं हैं और मानते हैं कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में विविधता के कारण पूरी अर्थव्यवस्था के ध्वस्त होने की संभावना अतिशयोक्तिपूर्ण है।
अमेरिकी राजनीति में बहस
राष्ट्रपति ट्रम्प ने अभी तक जमीनी सेना भेजने से इनकार नहीं किया है, लेकिन कोई औपचारिक घोषणा भी नहीं की गई है। अमेरिकी सीनेट में युद्ध अधिकार कानून (War Powers Act) को लेकर चर्चा जारी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि राष्ट्रपति के पास सैन्य कार्रवाई का कितना अधिकार है।
निष्कर्ष
जियांग शुएछिन की भविष्यवाणियाँ भले ही चर्चा में हों, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध का परिणाम कई जटिल कारकों पर निर्भर करेगा, सैन्य क्षमता, आर्थिक सहनशीलता, अंतरराष्ट्रीय समर्थन और घरेलू राजनीतिक स्थिति। फिलहाल, जैसे-जैसे संघर्ष आगे बढ़ रहा है, मध्य पूर्व में व्यापक क्षेत्रीय युद्ध की आशंका बनी हुई है।

