नई दिल्ली: तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। डीएमके नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन को मंगलवार को चेन्नई स्थित उनके आवास से पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उनके खिलाफ अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर कथित दोहरे अर्थ (डबल मीनिंग) वाली टिप्पणी और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर दिए गए बयान को लेकर मामला दर्ज किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट्स के अनुसार, कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान उदयनिधि स्टालिन भाषण दे रहे थे। इसी दौरान भीड़ से “तृषा-तृषा” के नारे लगाए गए। इसके बाद उदयनिधि की प्रतिक्रिया को विपक्षी दलों और कई लोगों ने अभिनेत्री तृषा की ओर इशारा करते हुए कथित तौर पर आपत्तिजनक और डबल मीनिंग टिप्पणी बताया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद बढ़ गया।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
विवाद के बाद पुलिस ने उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इसके बाद मंगलवार सुबह उन्हें उनके चेन्नई स्थित आवास से हिरासत में लिया गया। उनके साथ डीएमके के कई कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया।
TVK और BJP ने जताया विरोध
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की पार्टी टीवीके (TVK) ने इस मामले में कड़ा विरोध दर्ज कराया है। पार्टी ने पुलिस और राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। वहीं भाजपा ने भी उदयनिधि के बयान की आलोचना करते हुए इसे महिलाओं का अपमान बताया है।
अग्रिम जमानत के लिए हाई कोर्ट पहुंचे
मामला दर्ज होने के बाद उदयनिधि स्टालिन ने गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए मद्रास हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका भी दाखिल की है। अदालत में इस मामले पर सुनवाई होने की संभावना है।
राजनीतिक माहौल गरमाया
इस विवाद के बाद तमिलनाडु की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। विपक्ष उदयनिधि स्टालिन से सार्वजनिक माफी और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है, जबकि डीएमके की ओर से मामले पर अलग रुख सामने आ रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।



