Satyajit Ray Banned Documentary: भारतीय सिनेमा के महान फिल्मकार सत्यजीत रे ने अपने करियर में कई यादगार फिल्में बनाई हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उनकी एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म ऐसी भी थी, जिस पर करीब 39 साल तक प्रतिबंध लगा रहा। बाद में वर्ष 2010 में इस फिल्म से बैन हटाया गया और इसे फिर से दर्शकों के सामने पेश किया गया। इस डॉक्यूमेंट्री का नाम ‘सिक्किम’ (Sikkim) है।
क्यों बनी थी ‘सिक्किम’ डॉक्यूमेंट्री?
साल 1971 में बनी इस डॉक्यूमेंट्री को उस समय के सिक्किम के शासक पाल्डेन थोंडुप नामग्याल (चोग्याल) के अनुरोध पर तैयार किया गया था। फिल्म में सिक्किम की प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति, परंपराओं और वहां के लोगों के जीवन को बेहद खूबसूरती से दिखाया गया था। सत्यजीत रे ने इसका निर्देशन, पटकथा, संगीत और नैरेशन भी खुद किया था।
फिल्म पर क्यों लगा था बैन?
1975 में सिक्किम का भारत में विलय होने के बाद इस डॉक्यूमेंट्री को संवेदनशील माना गया। इसी कारण भारत सरकार ने इसके सार्वजनिक प्रदर्शन पर रोक लगा दी। इससे पहले भी फिल्म के कुछ दृश्यों को लेकर आपत्तियां सामने आई थीं और इसमें बदलाव किए गए थे।
39 साल बाद हटा प्रतिबंध
करीब चार दशक तक आम दर्शक इस डॉक्यूमेंट्री को नहीं देख पाए। आखिरकार सितंबर 2010 में इस पर लगा प्रतिबंध हटा लिया गया। इसके बाद फिल्म का बहाल (रिस्टोर) किया गया संस्करण फिल्म समारोहों में दिखाया गया और दर्शकों को सत्यजीत रे की इस दुर्लभ कृति को देखने का मौका मिला।
फिल्म की खास बातें
‘सिक्किम’ सिर्फ एक यात्रा वृत्तांत नहीं है, बल्कि उस समय के सिक्किम की संस्कृति, प्रकृति और सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मानी जाती है। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी, दृश्य संयोजन और कहानी कहने का अंदाज आज भी फिल्म प्रेमियों और सिनेमा के छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
आज भी है खास पहचान
प्रतिबंध हटने के बाद ‘सिक्किम’ को दुनिया भर के कई फिल्म समारोहों और विशेष स्क्रीनिंग में सराहा गया। यह डॉक्यूमेंट्री न केवल सत्यजीत रे की रचनात्मक प्रतिभा को दिखाती है, बल्कि भारतीय सिनेमा के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय भी मानी जाती है।


