नई दिल्ली: पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार के लिए आवाज उठाने वाले सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे गाली-गलौज वाले वीडियो पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा किसी भी लोकतांत्रिक आंदोलन की गरिमा के अनुरूप नहीं है और इससे आंदोलन का उद्देश्य कमजोर होता है।
क्या कहा सोनम वांगचुक ने?
सोनम वांगचुक ने कहा कि आंदोलन हमेशा शांति, सम्मान और तथ्यों के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति विरोध के नाम पर अपमानजनक या अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता है, तो वह आंदोलन की मूल भावना के खिलाफ जाता है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी बात सभ्य और शांतिपूर्ण तरीके से रखें, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए।
वायरल वीडियो पर जताई नाराजगी
वांगचुक ने कहा कि सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया, वह स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी आंदोलन की पहचान उसके विचारों और अनुशासन से होती है, न कि गाली-गलौज या व्यक्तिगत हमलों से।
युवाओं से की खास अपील
उन्होंने युवाओं से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन यह अधिकार जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
वांगचुक ने कहा कि शांतिपूर्ण और सम्मानजनक संवाद ही किसी भी आंदोलन को मजबूत बनाता है और समाज का विश्वास जीतता है।
सोशल मीडिया पर चल रही है बहस
सोनम वांगचुक के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई है। कई लोगों ने उनके बयान का समर्थन करते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन में मर्यादा बनाए रखना जरूरी है, जबकि कुछ लोग इस मुद्दे पर अलग-अलग राय रख रहे हैं।
आंदोलन को लेकर पहले भी दे चुके हैं संदेश
सोनम वांगचुक पहले भी कई बार अपने समर्थकों से शांतिपूर्ण और अनुशासित आंदोलन की अपील कर चुके हैं। उनका कहना रहा है कि किसी भी जन आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत उसकी अहिंसा, अनुशासन और सकारात्मक सोच होती है।



