देहरादून: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित नगरासू गुरुद्वारे को लेकर चल रहे विवाद के बीच पुलिस और प्रशासन ने बड़ा बयान दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि गुरुद्वारे पर निहंग सिखों द्वारा किसी तरह का अवैध कब्जा नहीं किया गया है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और लोगों को अफवाहों से बचना चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
विवाद की शुरुआत कर्णप्रयाग में निहंग सिखों और स्थानीय लोगों के बीच हुए एक टकराव के बाद हुई थी। इस मामले में कुछ निहंगों की गिरफ्तारी के बाद तनाव बढ़ गया। इसके विरोध में कुछ निहंग नगरासू स्थित गुरुद्वारे में पहुंच गए, जिसके बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई।
पुलिस ने क्या कहा?
उत्तराखंड पुलिस और जिला प्रशासन का कहना है कि गुरुद्वारे पर किसी प्रकार का अवैध कब्जा नहीं है। अधिकारियों के अनुसार धार्मिक गतिविधियां सामान्य रूप से जारी हैं और कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है। प्रशासन ने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों पर भरोसा न करने की अपील की है।
कई घंटों तक चला गतिरोध
रिपोर्ट्स के मुताबिक, निहंगों और प्रशासन के बीच कई घंटों तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए लगातार बातचीत की गई। सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी तैनात किया गया।
बंधक बनाए जाने के आरोप
इस विवाद के दौरान कुछ लोगों को बंधक बनाए जाने के आरोप भी सामने आए थे। हालांकि बाद में बातचीत के जरिए संबंधित लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।
यात्रा और धार्मिक गतिविधियां जारी
प्रशासन ने कहा है कि क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियां, अरदास और लंगर सेवा सामान्य रूप से चल रही हैं। साथ ही श्रद्धालुओं और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
अफवाहों से बचने की अपील
जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने तथा अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की गड़बड़ी से सख्ती से निपटा जाएगा।
निष्कर्ष
रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारे को लेकर हुए विवाद के बीच पुलिस ने साफ किया है कि निहंग सिखों द्वारा किसी प्रकार का अवैध कब्जा नहीं किया गया है। प्रशासन का दावा है कि हालात सामान्य हैं और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।



