अयोध्या के राम मंदिर में दान के पैसों की चोरी का बड़ा मामला सामने आया है। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब मंदिर परिसर के एक वॉशरूम में 40 हजार रुपये नकद मिले। इस घटना के बाद शुरू हुई जांच में करोड़ों रुपये की कथित गड़बड़ी का पता चला।
वॉशरूम में मिले 40 हजार रुपये बने जांच की वजह
जानकारी के अनुसार, मंदिर में ड्यूटी कर रहे एक सुरक्षा गार्ड को वॉशरूम के एक कोने में नोटों का बंडल मिला। जब उसकी जांच की गई तो उसमें 40 हजार रुपये थे। मंदिर परिसर के अंदर इस तरह नकदी मिलने पर अधिकारियों को शक हुआ और तुरंत मामले की जांच शुरू कर दी गई।
CCTV फुटेज से खुली चोरी की परतें
जांच के दौरान मंदिर के कैश काउंटिंग रूम की CCTV फुटेज देखी गई। फुटेज में कथित तौर पर दान की रकम गिनने वाले कुछ कर्मचारी ही पैसे छिपाते हुए दिखाई दिए। इसके बाद मामले ने बड़ा रूप ले लिया और पुलिस जांच तेज कर दी गई।
इस तरह की जाती थी चोरी
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी दान की रकम गिनते समय कुछ नोट अपने कपड़ों या जेब में छिपा लेते थे। बाद में वे वॉशरूम में जाकर पैसे एक गुप्त जगह पर रख देते थे। सुरक्षा जांच से बचने के लिए वे हर दिन थोड़ी-थोड़ी रकम बाहर ले जाते थे, ताकि किसी को शक न हो।
अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में अब तक दान की रकम गिनने वाली टीम के आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान आरोपियों के पास से नकदी, सोने-चांदी के आभूषण और कथित तौर पर चोरी के पैसों से खरीदी गई एक लग्जरी कार भी बरामद की गई है। साथ ही कई बैंक खातों की भी जांच की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था हुई और सख्त
घटना सामने आने के बाद राम मंदिर की दान व्यवस्था में कई बदलाव किए गए हैं। कैश काउंटिंग रूम में CCTV निगरानी बढ़ाई गई है। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है तथा नकदी की गिनती और रखरखाव के लिए नए नियम लागू किए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
निष्कर्ष
राम मंदिर दान घोटाले का खुलासा एक छोटी-सी घटना से शुरू हुआ, लेकिन जांच में बड़ा मामला सामने आया। फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कथित गड़बड़ी कितने समय से चल रही थी और इसमें कुल कितनी रकम का नुकसान हुआ। अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।



