चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की तीन राज्यसभा सीटों पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इन सीटों पर 24 जुलाई को मतदान होगा और उसी दिन मतगणना के बाद नतीजे भी घोषित कर दिए जाएंगे। इन उपचुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, क्योंकि मौजूदा विधानसभा संख्या बल के आधार पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) तीनों सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है।
क्यों हो रहे हैं राज्यसभा उपचुनाव?
पश्चिम बंगाल की तीन राज्यसभा सीटें सांसदों के इस्तीफे के बाद खाली हुई हैं। इन रिक्त सीटों को भरने के लिए चुनाव आयोग ने उपचुनाव कराने का फैसला लिया है। इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है और नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
कैसे बीजेपी कर सकती है क्लीन स्वीप?
राज्य की मौजूदा विधानसभा में बीजेपी के पास इतना संख्या बल है कि यदि उसके सभी विधायक पार्टी लाइन के अनुसार मतदान करते हैं तो वह तीनों सीटें जीत सकती है। दूसरी ओर, विपक्ष की बदली हुई राजनीतिक स्थिति और संख्या में कमी के कारण उसके लिए मुकाबला कठिन माना जा रहा है। यही वजह है कि बीजेपी के क्लीन स्वीप की संभावना जताई जा रही है।
कब होगी वोटिंग?
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार:
- मतदान की तारीख: 24 जुलाई 2026
- मतगणना: 24 जुलाई 2026
- परिणाम: मतदान समाप्त होने के बाद उसी दिन घोषित किए जाएंगे।
उम्मीदवारों पर टिकी नजर
फिलहाल राजनीतिक दलों ने अपने सभी उम्मीदवारों के नाम घोषित नहीं किए हैं। बीजेपी की ओर से संभावित उम्मीदवारों को लेकर कई नाम चर्चा में हैं। वहीं विपक्ष की रणनीति पर भी सभी की नजर बनी हुई है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद तस्वीर और साफ हो जाएगी।
क्यों अहम है यह चुनाव?
राज्यसभा उपचुनाव के नतीजे केवल तीन सीटों तक सीमित नहीं हैं। इनका असर संसद में राजनीतिक दलों की ताकत पर भी पड़ेगा। अगर बीजेपी तीनों सीटें जीतती है तो राज्यसभा में उसकी स्थिति और मजबूत हो सकती है। साथ ही, यह पश्चिम बंगाल की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों का भी बड़ा संकेत माना जाएगा।



