नई दिल्ली: कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 को लेकर भारत सरकार ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा आयोजित यह पवित्र यात्रा 30 जून 2026 से शुरू होगी। यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य, दस्तावेज और सुरक्षा संबंधी सभी नियमों का पालन करना होगा।
जून से अगस्त तक चलेगी यात्रा
विदेश मंत्रालय के अनुसार, कैलाश मानसरोवर यात्रा जून से अगस्त 2026 के बीच आयोजित की जाएगी। यात्रा के लिए दोनों प्रमुख मार्गों—लिपुलेख दर्रा (उत्तराखंड) और नाथू ला दर्रा (सिक्किम)—का उपयोग किया जाएगा। प्रत्येक बैच में सीमित संख्या में यात्रियों को शामिल किया जाएगा।
कौन कर सकता है आवेदन?
यात्रा में केवल भारतीय नागरिक भाग ले सकते हैं। आवेदक के पास वैध भारतीय पासपोर्ट होना जरूरी है। आमतौर पर 18 से 70 वर्ष आयु वर्ग के स्वस्थ और चिकित्सकीय रूप से फिट व्यक्ति यात्रा के लिए पात्र माने जाते हैं।
स्वास्थ्य जांच अनिवार्य
कैलाश मानसरोवर यात्रा उच्च हिमालयी क्षेत्र में होती है, जहां ऑक्सीजन का स्तर कम रहता है। इसलिए यात्रियों को विस्तृत मेडिकल जांच से गुजरना होगा। केवल चिकित्सकीय रूप से फिट पाए जाने वाले श्रद्धालुओं को ही यात्रा की अनुमति दी जाएगी।
जरूरी दस्तावेज
यात्रियों को आवेदन के समय वैध पासपोर्ट, पहचान पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो और अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। पासपोर्ट की वैधता यात्रा की तारीख से कम से कम छह महीने तक होनी चाहिए।
ऑनलाइन प्रक्रिया से हुआ चयन
विदेश मंत्रालय ने यात्रा के लिए आवेदन और चयन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया है। चयन कंप्यूटरीकृत ड्रॉ (लॉटरी सिस्टम) के माध्यम से किया जाता है ताकि प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
क्यों खास है कैलाश मानसरोवर यात्रा?
कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील हिंदू, बौद्ध, जैन और बोन धर्म के अनुयायियों के लिए अत्यंत पवित्र माने जाते हैं। हिंदू मान्यता के अनुसार कैलाश पर्वत भगवान शिव का निवास स्थान है। हर वर्ष हजारों श्रद्धालु इस आध्यात्मिक यात्रा में शामिल होने की इच्छा रखते हैं।
यात्रियों के लिए सलाह
विदेश मंत्रालय ने श्रद्धालुओं से केवल आधिकारिक पोर्टल और सरकारी सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। यात्रा से पहले स्वास्थ्य संबंधी तैयारी, जरूरी दस्तावेज और यात्रा नियमों की पूरी जानकारी लेना आवश्यक है।
निष्कर्ष
30 जून 2026 से शुरू होने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था और आध्यात्मिक अनुभव का अवसर है। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करके यात्री सुरक्षित और सुगम यात्रा का लाभ उठा सकते हैं।



