रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। मंगलवार को प्रदर्शनकारी छात्र झारखंड विधानसभा तक मार्च निकालने की तैयारी में हैं। वहीं, आंदोलन को और मजबूत बनाने के लिए पांच छात्रों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है।
क्यों कर रहे हैं छात्र प्रदर्शन?
छात्रों का आरोप है कि झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताएं हुई हैं। उनका कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ है। इसी को लेकर पिछले कई दिनों से राजधानी रांची में लगातार प्रदर्शन जारी है।
आज विधानसभा मार्च
आंदोलन को अगले चरण में ले जाते हुए छात्र संगठनों ने आज झारखंड विधानसभा तक मार्च निकालने का ऐलान किया है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के इसमें शामिल होने की संभावना है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी है।
पांच छात्रों ने शुरू की भूख हड़ताल
आंदोलन के बीच पांच छात्रों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारी इसे युवाओं के भविष्य की लड़ाई बता रहे हैं।
छात्रों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें प्रमुख हैं—
- JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच।
- कथित गड़बड़ियों की CBI जांच।
- जिन परीक्षाओं पर सवाल उठे हैं, उन्हें रद्द कर दोबारा आयोजित किया जाए।
- भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
- दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
आंदोलन को मिला राजनीतिक समर्थन
छात्र आंदोलन को विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों का समर्थन भी मिल रहा है। CJP ने भी प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन करते हुए उनकी मांगों को जायज बताया है। वहीं, विपक्षी दल भी राज्य सरकार पर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने का दबाव बना रहे हैं।
सरकार पर बढ़ा दबाव
लगातार बढ़ते आंदोलन और विधानसभा मार्च के ऐलान के बाद झारखंड सरकार पर दबाव बढ़ गया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार छात्रों की मांगों पर क्या फैसला लेती है और आंदोलन का आगे क्या रुख रहता है।



