Author: Pushpesh Rai

एक विचारशील लेखक, जो समाज की नब्ज को समझता है और उसी के आधार पर शब्दों को पंख देता है। लिखता है वो, केवल किताबों तक ही नहीं, बल्कि इंसानों की कहानियों, उनकी संघर्षों और उनकी उम्मीदों को भी। पढ़ना उसका जुनून है, क्योंकि उसे सिर्फ शब्दों का संसार ही नहीं, बल्कि लोगों की ज़िंदगियों का हर पहलू भी समझने की इच्छा है।

हम कहाँ जा रहे हैं? हम किसे देवत्व प्रदान कर रहे हैं? हम किसकी आराधना में स्वयं को विस्मृत कर रहे हैं? एक खिलाड़ी अथवा एक दल, जब अपने समकक्षों के मध्य प्रतिस्पर्धा करता है, तो वह न केवल एक खेल खेलता है, वरन् पूरे राष्ट्र को अनेक खंडों में विभक्त कर देता है। बुधवार को जो कुछ घटित हुआ, उसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की थी। भारतीय समाज में किसी भी घटना के पश्चात दोषारोपण और राजनैतिक रेखाचित्र खींचना एक स्थापित प्रवृत्ति बन चुकी है। परंतु इस समस्त कोलाहल में यदि कोई पराजित हुआ है, तो वह है…

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सुप्रीम कोर्ट में वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 की वैधता को लेकर चल रही सुनवाई ने देशभर में राजनीतिक और कानूनी हलचल मचा दी है। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने बुधवार को केंद्र से पूछा कि क्या वह हिंदू धार्मिक न्यास बोर्डों में गैर-हिंदुओं और मुसलमानों को सदस्य बनाने के लिए कानून बनाएगी। साथ ही, कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि “आप अतीत को फिर से नहीं लिख सकते।” इससे साफ है कि कोर्ट इस कानून के कुछ प्रावधानों पर पुनर्विचार करने के पक्ष में है। वक्फ कानून के विवादास्पद प्रावधान नए वक्फ कानून के तीन…

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भारत की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के खिलाफ नेशनल हेराल्ड केस में मनी लॉन्ड्रिंग का चार्जशीट दायर किया। इस केस में देश के प्रमुख राजनीतिक परिवार के खिलाफ इतने गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया है। चार्जशीट धनशोधन निवारण अधिनियम (Prevention of Money Laundering Act – PMLA) की धारा 3, 44, 45 और 70 के तहत दायर की गई है, जिसमें कंपनी के अधिकारियों और पदाधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की…

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कुमार मंगलम बिड़ला का नाम आज भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक बिज़नेस जगत में भी बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है। आदित्य बिड़ला समूह के अध्यक्ष के तौर पर उन्होंने न केवल पारंपरिक व्यवसायों को मजबूत किया है, बल्कि उपभोक्ता-केंद्रित क्षेत्रों (B2C) में भी समूह की एक मज़बूत पहचान बनाई है। आज आदित्य बिड़ला समूह $65 बिलियन की कंपनी है, जिसकी उपस्थिति 41 देशों में है और जो दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में शीर्ष स्थानों पर काबिज है। WHAT HE DID RIGHT: सफलता की कुंजी कुमार मंगलम बिड़ला की नेतृत्व शैली और रणनीतिक सोच ने उन्हें एक असाधारण कारोबारी…

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भारत में “वन नेशन, वन इलेक्शन” (One Nation, One Election – ONOE) का विचार कई वर्षों से चर्चा का विषय बना हुआ है। यह विचार देश में लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनावों को एक साथ कराने की योजना को लेकर है। समर्थकों का मानना है कि इससे समय, पैसा और संसाधनों की बचत होगी, वहीं विरोधियों का कहना है कि यह भारत की संघीय लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए एक गंभीर खतरा है। आइए जानते हैं अब तक इस विषय में क्या-क्या हुआ, क्या विवाद उठे और इसका भविष्य क्या हो सकता है। वन नेशन, वन इलेक्शन क्या है? “वन नेशन,…

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आजकल, भारतीय शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी जा रही है, जिसमें प्रमुख सूचकांक जैसे Sensex और Nifty ने पिछले 12 महीनों में अपनी सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की है। इस गिरावट का कारण वैश्विक आर्थिक संकट, अस्थिरता, और कुछ देशों के बीच व्यापारिक विवाद हैं। विशेष रूप से, अमेरिका द्वारा आयात शुल्क (टैरिफ) बढ़ाने के निर्णय ने भारतीय बाजारों में अस्थिरता पैदा की है। इस लेख में हम इस गिरावट और टैरिफ विवाद के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे, साथ ही समझेंगे कि टैरिफ क्या है, यह कैसे काम करता है, और इसका भारत और अमेरिका के बीच…

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शनिवार को कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल थे, जिन्होंने पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। एक वकील के रूप में अपने करियर की शुरुआत करने वाले जेटली ने भारतीय राजनीति में अपनी पहचान बनाई और भारत के सबसे सम्मानित वित्त मंत्रियों में से एक बने। अरुण जेटली की राजनीतिक यात्रा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से शुरू हुई, और उन्होंने अपनी सूझ-बूझ और कड़ी मेहनत से कई महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके द्वारा किए गए कुछ प्रमुख कार्यों के बारे में हम…

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डॉ. मनमोहन सिंह, भारत के 13वें प्रधानमंत्री और अर्थशास्त्र के महान विद्वान, का 26 दिसंबर 2024 को 92 वर्ष की आयु में नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में निधन हो गया। उनका जीवन एक प्रेरणास्त्रोत रहा, जो सादगी, विद्वता और सेवा का प्रतीक है। इस लेख में हम उनके व्यक्तिगत जीवन, राजनीतिक यात्रा, और उपलब्धियों का विस्तार से वर्णन करेंगे। व्यक्तिगत जीवन डॉ. मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को ब्रिटिश भारत के पंजाब प्रांत के गाह गांव (अब पाकिस्तान में) में हुआ था। उनका परिवार एक सिख किसान परिवार था। विभाजन के बाद, उनका परिवार…

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हिंडनबर्ग की नई रिपोर्ट ने एक बार फिर से भारत में हलचल मचा दी है। पिछले डेढ़ साल से Adani Group पर हिंडनबर्ग ने कई सवाल खड़े किए हैं। लेकिन इस नई रिपोर्ट में रिसर्च कंपनी ने SEBI चीफ Madhabi Puri Buch पर आरोप लगाए हैं कि सेबी प्रमुख और उनके पति की अडानी ग्रुप के ‘Offshore Funds’ में हिस्सेदारी है। आइए एक-एक करके जानते हैं इनके सबसे दिलचस्प पहलुओं को, लेकिन उससे पहले बताएंगे कि क्या है हिंडनबर्ग हिंडनबर्ग रिसर्च वित्तीय जगत में एक महत्वपूर्ण ताकत के रूप में उभरी है, जो अपनी विस्फोटक रिपोर्टों के लिए जानी जाती…

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बांग्लादेश के राजनीतिक परिदृश्य पर दो दिग्गज हस्तियों का दबदबा रहा है; खालिदा जिया और शेख हसीना। अक्सर “Battle of Begums” के रूप में संदर्भित, उनकी प्रतिद्वंद्विता ने न केवल देश की राजनीति को आकार दिया है, बल्कि इसके सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने को भी प्रभावित किया है। यह लेख उनके चल रहे प्रतिद्वंद्विता के इतिहास, प्रमुख घटनाओं और प्रभावों पर प्रकाश डालता है, जिसने बांग्लादेश पर एक अमिट छाप छोड़ी है। प्रतिद्वंद्विता की उत्पत्ति “Battle of Begums” की जड़ें बांग्लादेश की स्वतंत्रता के शुरुआती वर्षों में देखी जा सकती हैं। बांग्लादेश के संस्थापक एवं राष्ट्रपिता शेख मुजीबुर रहमान की…

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