नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब E20 (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) नीति को लेकर केंद्र सरकार के दो और वरिष्ठ मंत्रियों केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर विरोध का दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। दिल्ली में E20 नीति के विरोध में प्रदर्शन कर रहे संगठनों ने दोनों मंत्रियों के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है।
क्या है प्रदर्शनकारियों की मांग?
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार लोगों को केवल E20 पेट्रोल खरीदने के लिए मजबूर न करे। उनका कहना है कि बाजार में सामान्य पेट्रोल (E0) का विकल्प भी उपलब्ध होना चाहिए, ताकि वाहन मालिक अपनी जरूरत के अनुसार ईंधन चुन सकें। उनका आरोप है कि पुराने वाहनों और कई कमर्शियल गाड़ियों के लिए E20 पेट्रोल पूरी तरह उपयुक्त नहीं है।
दिल्ली में बड़े प्रदर्शन की तैयारी
E20 नीति का विरोध कर रहे संगठनों ने ऐलान किया है कि वे जल्द ही दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस विरोध के केंद्र में अब नितिन गडकरी और हरदीप सिंह पुरी हैं, क्योंकि E20 नीति को लागू करने में दोनों मंत्रालयों की अहम भूमिका है।
सरकार का क्या कहना है?
सरकार लगातार E20 पेट्रोल को बढ़ावा दे रही है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और हरदीप सिंह पुरी कई बार कह चुके हैं कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन से पेट्रोल पर निर्भरता कम होगी, किसानों को फायदा मिलेगा और प्रदूषण घटाने में मदद मिलेगी। सरकार भविष्य में E85 जैसे अधिक एथेनॉल मिश्रित ईंधन पर भी काम कर रही है।
सोशल मीडिया पर भी तेज हुई बहस
E20 नीति को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस लगातार तेज हो रही है। हाल के दिनों में नितिन गडकरी को लेकर कई पोस्ट और वीडियो वायरल हुए हैं। इस बीच गडकरी ने अपने खिलाफ प्रसारित कथित मानहानिकारक और डीपफेक सामग्री को लेकर कानूनी कार्रवाई भी शुरू की है।



