दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के संसद मार्च के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़ने लगे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान कई जगह धक्का-मुक्की हुई और कुछ स्थानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया।
3,000 से ज्यादा प्रदर्शनकारी पहुंचे
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, संसद मार्च में शामिल होने के लिए 3,000 से अधिक प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर पहुंचे। दिल्ली पुलिस ने इस मार्च की अनुमति नहीं दी थी। सुरक्षा को देखते हुए पूरे इलाके में धारा 163 लागू की गई और 5,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
सोनम वांगचुक की सेहत कैसी है?
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का इलाज फिलहाल सफदरजंग अस्पताल में चल रहा है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार उनकी हालत स्थिर है। डॉक्टर लगातार उनकी सेहत पर नजर रखे हुए हैं और अब तक की मेडिकल रिपोर्ट सामान्य बताई गई है।
तीन सहयोगियों ने खत्म किया अनशन
सोनम वांगचुक के साथ भूख हड़ताल पर बैठे ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के तीन सहयोगियों—नेहा, आमीन और मनीष—ने 23 दिन बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। हालांकि, वांगचुक का इलाज अस्पताल में जारी है।
अभिजीत दीपके ने लगाए गंभीर आरोप
संसद मार्च शुरू होने से पहले CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर के पास पत्थरों से भरा एक ट्रक और एक क्षतिग्रस्त वैन खड़ी की गई है। उनका दावा है कि इनका इस्तेमाल शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को फंसाने के लिए किया जा सकता है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सांसद चंद्रशेखर आजाद भी पहुंचे
प्रदर्शन में सांसद चंद्रशेखर आजाद भी शामिल हुए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए कहा कि वह युवाओं की आवाज उठाने और उनके साथ खड़े होने के लिए इस आंदोलन में आए हैं।
मेट्रो और ट्रैफिक पर असर
संसद मार्च के कारण दिल्ली के कई इलाकों में ट्रैफिक प्रभावित हुआ। सुरक्षा व्यवस्था के चलते कुछ मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार भी अस्थायी रूप से बंद किए गए, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
निष्कर्ष
जंतर-मंतर से शुरू हुआ CJP का संसद मार्च सोमवार को दिल्ली की बड़ी खबर बन गया। एक तरफ प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर आगे बढ़ते रहे, वहीं दूसरी ओर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी। इस बीच सोनम वांगचुक की सेहत स्थिर बताई गई है, जबकि प्रदर्शन और उससे जुड़े घटनाक्रम पर सभी की नजर बनी हुई है।



