नई दिल्ली: देश में आरक्षण व्यवस्था को लेकर शुरू हुआ ‘रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन’ अब सड़कों तक पहुंच गया है। नागपुर, लखनऊ, जयपुर समेत कई शहरों में प्रदर्शन किए गए। इस बीच राजपूत करणी सेना ने भी आंदोलन का समर्थन करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आगामी चुनाव में पार्टी को वोट नहीं देंगे।
कई शहरों में प्रदर्शन
रिपोर्ट के मुताबिक, आंदोलन से जुड़े लोग विभिन्न राज्यों में रैलियां और प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मौजूदा आरक्षण व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। उनकी मांग है कि भर्ती और प्रवेश प्रक्रिया में समान अवसर और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
करणी सेना ने BJP को दी चेतावनी
राजपूत करणी सेना ने कहा है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती, तो संगठन आगामी चुनाव में BJP का समर्थन नहीं करेगा। संगठन का कहना है कि वह इस मुद्दे को लेकर देशभर में जनजागरण अभियान भी चलाएगा।
क्या हैं आंदोलन की मांगें?
आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि वे आरक्षण नीति में बदलाव और सुधार चाहते हैं। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समान अवसरों पर आधारित बनाया जाना चाहिए। हालांकि, इस मुद्दे पर अलग-अलग संगठनों की मांगों में अंतर भी देखा जा रहा है।
जयपुर में प्रदर्शन के दौरान बढ़ा तनाव
जयपुर में करणी सेना के नेतृत्व में निकाली गई रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस के अनुसार, जब प्रदर्शनकारी तय मार्ग से हटकर भाजपा कार्यालय की ओर बढ़ने लगे, तो उन्हें रोकने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया गया और हल्का बल प्रयोग भी किया गया।
राजनीतिक माहौल गरमाया
आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। विभिन्न राजनीतिक दल इस विषय पर अलग-अलग राय रख रहे हैं। फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से आंदोलन की नई मांगों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



