नई दिल्ली: शिक्षा सुधार और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दों पर सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लेकर अपनी निराशा जाहिर की है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि राहुल गांधी छात्र आंदोलन और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
राहुल गांधी को लेकर क्या बोले सोनम वांगचुक?
सोनम वांगचुक ने कहा कि उन्होंने राहुल गांधी से काफी उम्मीदें लगाई थीं। उनका मानना था कि विपक्ष के प्रमुख नेता होने के नाते राहुल गांधी छात्रों की समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के मुद्दे को मजबूती से उठाएंगे।
वांगचुक ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार की आलोचना करना नहीं, बल्कि युवाओं और छात्रों की आवाज को संसद तक पहुंचाना भी है।
छात्र आंदोलन पर जताई चिंता
उन्होंने कहा कि देशभर में छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे समय में सभी राजनीतिक दलों को राजनीति से ऊपर उठकर छात्रों की बात सुननी चाहिए।
वांगचुक का कहना था कि युवाओं का भविष्य किसी भी देश की सबसे बड़ी पूंजी होता है और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।
नेताओं से की जिम्मेदारी निभाने की अपील
सोनम वांगचुक ने कहा कि चाहे सरकार हो या विपक्ष, सभी जनप्रतिनिधियों को शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर गंभीरता से काम करना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे छात्रों की मांगों को राजनीतिक नजरिए से नहीं, बल्कि देश के भविष्य के नजरिए से देखें।
शिक्षा सुधार पर दिया जोर
वांगचुक ने कहा कि देश में शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की जरूरत है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए सभी पक्षों से मिलकर काम करने की अपील की।
चर्चा में आया बयान
सोनम वांगचुक के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, राहुल गांधी या कांग्रेस की ओर से इस टिप्पणी पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



