नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा के महान अभिनेता और निर्देशक गुरु दत्त अपनी फिल्मों के लिए आज भी याद किए जाते हैं। लेकिन उनकी निजी जिंदगी और परिवार कई दुखद घटनाओं से गुजरा। हाल के दिनों में एक बार फिर उनके परिवार की यह दर्दनाक कहानी चर्चा में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरु दत्त के बड़े बेटे तरुण दत्त की मौत आत्महत्या से हुई थी, जबकि छोटे बेटे अरुण दत्त का भी वर्षों पहले निधन हो चुका है।
गुरु दत्त का परिवार
गुरु दत्त ने मशहूर गायिका गीता दत्त से शादी की थी। दोनों के तीन बच्चे थे—तरुण दत्त, अरुण दत्त और नीना दत्त। गुरु दत्त का निधन वर्ष 1964 में हुआ था, जबकि गीता दत्त का निधन 1972 में हो गया। इसके बाद बच्चों की परवरिश परिवार के अन्य सदस्यों ने की।
बड़े बेटे तरुण दत्त का दुखद अंत
गुरु दत्त के बड़े बेटे तरुण दत्त फिल्म निर्देशक थे। उन्होंने 1984 में रिलीज हुई फिल्म ‘बिंदिया चमकेगी’ का निर्देशन किया था। बाद में उन्होंने फिल्म ‘खुले-आम’ पर भी काम शुरू किया, लेकिन फिल्म पूरी होने से पहले उनकी मृत्यु हो गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्ष 1985 में उन्होंने आत्महत्या कर ली थी। बाद में उनके छोटे भाई अरुण दत्त ने फिल्म का काम पूरा किया।
छोटे बेटे अरुण दत्त का भी हो गया निधन
गुरु दत्त के छोटे बेटे अरुण दत्त फिल्म निर्माण से जुड़े रहे और पारिवारिक बैनर गुरु दत्त फिल्म्स का काम संभालते थे। वर्ष 2014 में उनका निधन हो गया। परिवार के करीबी लोगों के अनुसार, उनकी मौत लंबे समय से चली आ रही स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण हुई थी।
आज भी अमर है गुरु दत्त की विरासत
गुरु दत्त ने प्यासा, कागज़ के फूल, चौदहवीं का चाँद और साहिब बीबी और ग़ुलाम जैसी कई यादगार फिल्में दीं। भारतीय सिनेमा में उनका योगदान आज भी प्रेरणा का स्रोत माना जाता है। हालांकि, उनकी पेशेवर सफलता के पीछे उनके परिवार की निजी जिंदगी कई दुखद घटनाओं से प्रभावित रही।
SEO Keywords:



