नई दिल्ली: छात्र आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संगठन CJP ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि यदि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं रोकी गई और दर्ज मामलों को वापस नहीं लिया गया, तो वह एक बार फिर देशभर में आंदोलन शुरू करेगा। संगठन का कहना है कि सरकार के साथ हुई बातचीत के बाद आंदोलन को अस्थायी रूप से रोका गया था, लेकिन अगर समझौते की शर्तों का पालन नहीं हुआ तो प्रदर्शन दोबारा शुरू किए जाएंगे।
पुलिस कार्रवाई रोकने की मांग
CJP ने आरोप लगाया कि कई राज्यों में प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवाओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई जारी है। संगठन ने मांग की है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस ली जाएं और हिरासत में लिए गए लोगों को राहत दी जाए। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है और इस पर कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
समझौते का पालन करने की अपील
संगठन का कहना है कि सरकार के साथ बातचीत के दौरान कुछ मुद्दों पर सहमति बनी थी, जिसके बाद आंदोलन को स्थगित किया गया। लेकिन यदि सरकार उन वादों को पूरा नहीं करती है और पुलिस की कार्रवाई जारी रहती है, तो CJP फिर से सड़कों पर उतरने का फैसला करेगा।
छात्र आंदोलन को लेकर बढ़ा तनाव
हाल के दिनों में छात्र आंदोलन के दौरान दिल्ली समेत कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुई थीं। लाठीचार्ज और हिरासत की घटनाओं को लेकर विपक्षी दलों और कई संगठनों ने भी सवाल उठाए हैं। इसी बीच CJP ने साफ कर दिया है कि यदि प्रदर्शनकारियों के साथ सख्ती जारी रही तो आंदोलन का अगला चरण जल्द शुरू किया जाएगा।
कानूनी सहायता भी देगा संगठन
CJP ने यह भी कहा है कि प्रदर्शनकारियों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए वह ऑनलाइन फंड जुटाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए जल्द ही एक वेबसाइट लॉन्च की जाएगी, जहां लोग आर्थिक सहयोग कर सकेंगे। इस फंड का इस्तेमाल आंदोलन से जुड़े लोगों की कानूनी मदद के लिए किया जाएगा।



