प्रसिद्ध शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के बीच भूख हड़ताल पर हैं। उनकी भूख हड़ताल लंबी चलने के कारण स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अनशन के दौरान उनकी ऊर्जा में कमी आई है और डॉक्टर लगातार उनकी सेहत पर नजर रख रहे हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल हुए वांगचुक
सोनम वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को समर्थन देते हुए जंतर-मंतर पर अनशन शुरू किया। यह आंदोलन शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर किया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों की क्या मांग है?
प्रदर्शन से जुड़े लोगों की मुख्य मांगों में परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, जिम्मेदारी तय करना और छात्रों के हितों की रक्षा शामिल है। आंदोलनकारियों का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता
लंबे समय से भूख हड़ताल पर रहने के कारण सोनम वांगचुक की सेहत पर असर पड़ने की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, उनका वजन कम हुआ है और डॉक्टर उनकी नियमित जांच कर रहे हैं।
वांगचुक ने कहा- खुद बनें अपना नायक
सोनम वांगचुक ने अपने एक संदेश में कहा कि वह खुद को किसी महान व्यक्ति की उपाधि नहीं देते और लोगों से अपील की कि वे खुद जिम्मेदारी लेकर बदलाव का हिस्सा बनें।
आंदोलन को मिल रहा सोशल मीडिया समर्थन
कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन सोशल मीडिया पर भी चर्चा में है। संगठन ने युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए अपना अभियान तेज किया है।
निष्कर्ष
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल और कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। जहां प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर सरकार से कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।



