देहरादून: उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में चढ़ावे और दान को लेकर विवाद सामने आया है। कुछ लोगों ने मंदिर में चढ़ावे की गिनती और दान व्यवस्था में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। इसके बाद श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, एक धार्मिक संगठन ने मंदिर समिति के एक कर्मचारी पर चढ़ावे में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है। आरोप सामने आने के बाद मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) ने संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
मंदिर समिति ने क्या कहा?
मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने निष्पक्ष जांच के लिए जांच समिति बनाने के निर्देश दिए हैं। यदि जांच में कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिस कर्मचारी को उनका निजी सचिव बताया जा रहा है, वह मंदिर समिति का नियमित कर्मचारी है। जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं होगा।
इन मुद्दों को लेकर भी उठे सवाल
दान चोरी के आरोपों के अलावा हाल के दिनों में बदरीनाथ धाम से जुड़े कई अन्य विवाद भी चर्चा में रहे हैं। इनमें गर्भगृह की दीवारों पर लगी सोने की प्लेटों का रंग फीका पड़ना, मंदिर परिसर में दान के लिए क्यूआर कोड लगाए जाने और कुछ प्रशासनिक फैसलों को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
सीसीटीवी फुटेज की भी जांच
मंदिर समिति ने बताया कि पूरे परिसर में हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। आरोपों की सच्चाई जानने के लिए कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की जा रही है। हालांकि शुरुआती जांच में कुछ फुटेज पूरी तरह स्पष्ट नहीं होने की बात भी सामने आई है।
श्रद्धालुओं से संयम रखने की अपील
बीकेटीसी के अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि जांच पूरी होने तक किसी भी अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें। समिति का कहना है कि बदरीनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।



