Ram Mandir Donation Row: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने राम मंदिर के चढ़ावे और दान को लेकर बड़ा राजनीतिक आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि अयोध्या के राम मंदिर से कथित तौर पर चोरी हुए 2,000 करोड़ रुपये का इस्तेमाल तृणमूल कांग्रेस (TMC) और शिवसेना (UBT) के सांसदों को तोड़ने के लिए किया गया। राउत के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है।
क्या बोले संजय राउत?
संजय राउत ने कहा कि राम मंदिर से जुड़े दान और चढ़ावे में भारी गड़बड़ी हुई है। उनका आरोप है कि कथित तौर पर गायब हुई बड़ी रकम का इस्तेमाल विपक्षी दलों में टूट कराने और सांसदों को अपनी ओर लाने के लिए किया गया। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में सार्वजनिक रूप से कोई सबूत पेश नहीं किया।
राम मंदिर दान विवाद क्या है?
हाल ही में अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान में कथित अनियमितताओं को लेकर मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और जांच जारी है। इसी घटनाक्रम के बीच संजय राउत ने यह नया राजनीतिक आरोप लगाया है।
चांदी की ईंट को लेकर भी उठाए सवाल
संजय राउत ने यह भी दावा किया कि शिवसेना (UBT) की ओर से राम मंदिर निर्माण के लिए दी गई चांदी की ईंट का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं मिला। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की और मंदिर ट्रस्ट से पारदर्शिता बरतने की अपील की।
भाजपा ने आरोपों को बताया निराधार
राउत के आरोपों पर भाजपा नेताओं ने प्रतिक्रिया देते हुए इन्हें राजनीतिक बयानबाजी बताया है। भाजपा का कहना है कि मामले की जांच चल रही है और तथ्यों के सामने आने का इंतजार किया जाना चाहिए।
जांच जारी, आरोप अभी साबित नहीं
राम मंदिर दान और चढ़ावा मामले की जांच फिलहाल जारी है। संजय राउत के 2,000 करोड़ रुपये और राजनीतिक दलों में टूट से जुड़े आरोप भी इस समय केवल आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।



