नई दिल्ली: अयोध्या राम मंदिर में मिले दान को लेकर चल रहे विवाद के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर में भक्तों द्वारा दिए गए करोड़ों रुपये के दान और कीमती सामान में कथित गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं, लेकिन अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
केजरीवाल ने क्या कहा?
अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि अगर इस मामले में शामिल लोगों के नाम सामने आ जाएं तो बड़े राजनीतिक असर देखने को मिल सकते हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब इतने गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं तो केंद्रीय जांच एजेंसियां जैसे CBI और ED अब तक सक्रिय क्यों नहीं हुई हैं।
चंपत राय पर भी उठे सवाल
इस विवाद के केंद्र में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव Champat Rai का नाम भी चर्चा में है। AAP सांसद संजय सिंह ने चंपत राय के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए एफआईआर की मांग की है। उनका आरोप है कि मंदिर में मिले दान के प्रबंधन में अनियमितताएं हुई हैं।
SIT कर रही है जांच
दान विवाद को लेकर गठित विशेष जांच दल (SIT) जांच में जुटा हुआ है। रिपोर्ट्स के अनुसार जांच टीम ने ट्रस्ट से जुड़े कुछ लोगों से पूछताछ भी की है। जांच का फोकस दान की नकदी की गिनती और उसके प्रबंधन की प्रक्रिया पर है।
ट्रस्ट ने आरोपों को बताया निराधार
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सभी आरोपों को खारिज किया है। ट्रस्ट का कहना है कि दान और वित्तीय लेन-देन का पूरा रिकॉर्ड रखा जाता है तथा नियमित ऑडिट भी होता है। ट्रस्ट ने किसी भी तरह की वित्तीय गड़बड़ी से इनकार किया है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
राम मंदिर दान विवाद अब राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। विपक्षी दल लगातार जवाब मांग रहे हैं, जबकि ट्रस्ट और उसके समर्थक आरोपों को राजनीति से प्रेरित बता रहे हैं। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और निष्कर्ष पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
निष्कर्ष
राम मंदिर दान विवाद को लेकर अरविंद केजरीवाल के बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। एक ओर विपक्ष जांच और कार्रवाई की मांग कर रहा है, वहीं ट्रस्ट सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर रहा है। अब SIT की जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई इस पूरे मामले की तस्वीर साफ कर सकती है।



