नई दिल्ली: केंद्र सरकार में बड़े बदलाव की अटकलों के बीच केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा तुरंत प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। इस घटनाक्रम के बाद मोदी मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल की चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
क्यों दिया जॉर्ज कुरियन ने इस्तीफा?
जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा कार्यकाल हाल ही में समाप्त हुआ था। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उन्हें दोबारा राज्यसभा का टिकट नहीं दिया था। इसके बाद से ही उनके भविष्य को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं।
कुरियन मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वह केंद्र सरकार में ईसाई समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले एकमात्र मंत्री थे।
कौन हैं जॉर्ज कुरियन?
65 वर्षीय जॉर्ज कुरियन भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। वह 1980 के दशक से पार्टी से जुड़े हुए हैं। केरल में जन्मे कुरियन पेशे से वकील भी रहे हैं और सुप्रीम कोर्ट में वकालत कर चुके हैं। जून 2024 में उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में मंत्री बनाया गया था।
भाजपा में संगठनात्मक बदलाव की भी चर्चा
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार भाजपा संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर बदलाव की तैयारी कर रही है। हाल ही में पार्टी ने कई राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए हैं। इसके अलावा भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की टीम की घोषणा भी जल्द होने की संभावना है।
ऐसे में माना जा रहा है कि कुछ नेताओं को सरकार से संगठन में और कुछ नेताओं को संगठन से सरकार में जिम्मेदारी दी जा सकती है।
क्या होने वाला है कैबिनेट फेरबदल?
जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल कर सकते हैं। हालांकि भाजपा की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले महीनों में कई राज्यों के चुनावों को देखते हुए भाजपा सरकार और संगठन में नए समीकरण बना सकती है।
निष्कर्ष
जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार में बदलाव की अटकलें जोर पकड़ रही हैं। अब सभी की नजरें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेतृत्व के अगले फैसले पर टिकी हैं। यदि कैबिनेट फेरबदल होता है तो आने वाले दिनों में कई बड़े राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।



