नई दिल्ली, 22 जून 2026: सड़क पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के लिए केंद्र सरकार ने ई-चालान से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब यदि कोई वाहन मालिक अपने ई-चालान को अदालत में चुनौती देना चाहता है, तो उसे पहले चालान राशि का 50 प्रतिशत जुर्माना जमा करना होगा।
क्या है नया ई-चालान नियम?
केंद्र सरकार ने केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली, 1989 (Central Motor Vehicles Rules, 1989) के नियम 167 में संशोधन किया है। इस बदलाव का उद्देश्य ई-चालान की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी बनाना है।
नए नियम के अनुसार, यदि किसी वाहन पर 10,000 रुपये का चालान जारी किया जाता है, तो अदालत में अपील करने से पहले वाहन मालिक को 5,000 रुपये जमा करने होंगे।
45 दिनों के भीतर करना होगा फैसला
नए प्रावधान के तहत ई-चालान जारी होने के बाद वाहन मालिक के पास 45 दिनों का समय होगा। इस अवधि में उसे:
- चालान का भुगतान करना होगा, या
- चालान को गलत बताते हुए आपत्ति दर्ज करानी होगी।
यदि वाहन मालिक 45 दिनों के भीतर कोई प्रतिक्रिया नहीं देता है, तो माना जाएगा कि उसने चालान स्वीकार कर लिया है।
गलत चालान होने पर क्या करें?
अगर किसी व्यक्ति को लगता है कि उसका चालान गलत तरीके से काटा गया है, तो वह संबंधित दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकता है। शिकायत दर्ज होने के बाद ट्रैफिक पुलिस को 30 दिनों के भीतर मामले की जांच कर फैसला देना होगा।
यदि जांच में चालान गलत पाया जाता है, तो उसे रद्द कर दिया जाएगा और इसकी जानकारी पोर्टल पर अपडेट की जाएगी।
शिकायत खारिज होने पर क्या होगा?
यदि ट्रैफिक पुलिस वाहन मालिक की शिकायत को खारिज कर देती है, तो उसे 30 दिनों के भीतर चालान राशि जमा करनी होगी। इसके बाद भी यदि वह फैसले से संतुष्ट नहीं है, तो अदालत में अपील कर सकता है। हालांकि, इसके लिए पहले चालान राशि का 50 प्रतिशत जमा करना अनिवार्य होगा।
लोक अदालत में राहत पाना होगा मुश्किल
अब तक कई लंबित चालान मामलों का निपटारा लोक अदालतों में किया जाता था, जहां अक्सर जुर्माने की राशि कम कर दी जाती थी। लेकिन नए नियम लागू होने के बाद वाहन मालिकों को पहले निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी और अदालत में जाने से पहले आधा जुर्माना जमा करना होगा।
इस बदलाव के बाद लोक अदालतों के जरिए कम राशि देकर चालान निपटाने की संभावना भी कम हो सकती है।
NextGen mParivahan पोर्टल पर मिलेगी सुविधा
चालान से जुड़ी सभी सेवाएं, जैसे:
- चालान देखना
- ऑनलाइन भुगतान करना
- शिकायत दर्ज करना
- शिकायत की स्थिति जांचना
अब NextGen mParivahan पोर्टल पर उपलब्ध होंगी।
पहले क्या था नियम?
पहले ई-चालान मिलने के बाद वाहन मालिक के पास जुर्माना भरने या मामले को लंबित छोड़ने का विकल्प होता था। कई मामलों में चालान बाद में अदालत भेज दिया जाता था और लोक अदालतों में कम राशि जमा करके मामला खत्म हो जाता था। उस समय अदालत में अपील करने से पहले 50 प्रतिशत राशि जमा करने की कोई अनिवार्यता नहीं थी।
निष्कर्ष
केंद्र सरकार के नए ई-चालान नियमों का उद्देश्य ट्रैफिक कानूनों का बेहतर पालन सुनिश्चित करना और लंबित चालान मामलों की संख्या कम करना है। अब वाहन चालकों को समय रहते चालान का भुगतान करना होगा या निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी आपत्ति दर्ज करनी होगी। अदालत में अपील करने से पहले 50 प्रतिशत जुर्माना जमा करने का नियम वाहन मालिकों के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।



