Browsing: Søren Kierkegaard

शायद किसी संबंध को समझने की कोशिश में सबसे कठिन काम यही है अपनी अनुभूति को सच मानना, लेकिन अपनी व्याख्या को अंतिम सत्य न समझना। दुखों के संग्रहालय में तुम्हारी दबी हुई आवाज़ रिश्तों, स्मृति, अकेलेपन और दूसरे की स्वतंत्रता पर एक साहित्यिक चिंतन।