नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई में भारतीय एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने कथित ड्रग किंगपिन विरेंद्र सिंह बसोया को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत वापस लाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस कार्रवाई को नशीले पदार्थों के खिलाफ सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति में एक बड़ी उपलब्धि बताया है।
कौन है विरेंद्र सिंह बसोया?
विरेंद्र सिंह बसोया पर एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट को चलाने का आरोप है। भारतीय एजेंसियों के मुताबिक, वह कथित तौर पर बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क का प्रमुख आरोपी है।
उसके खिलाफ भारत में कार्रवाई के बाद दिल्ली की एक अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया और UAE में उसकी तलाश की गई।
दुबई से भारत लाया गया
रिपोर्टों के मुताबिक, बसोया को दुबई में गिरफ्तार किए जाने के बाद भारतीय एजेंसियों की पहल पर भारत लाया गया। उसे एयर इंडिया की फ्लाइट AI 4310 से भारत लाए जाने की जानकारी सामने आई है। वह पुणे में करीब 6,000 करोड़ रुपये के ड्रग मामले में आरोपी बताया जा रहा है।
अमित शाह ने क्या कहा?
गृह मंत्री अमित शाह ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि सरकार विदेशों में छिपे ड्रग तस्करों का लगातार पीछा कर रही है और उनके पूरे नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि भारतीय एजेंसियों ने एक बार फिर साबित किया है कि ड्रग तस्कर दुनिया के किसी भी हिस्से में छिप जाएं, वे भारतीय कानून की पहुंच से बाहर नहीं हैं। शाह ने इस कार्रवाई को नशीले पदार्थों के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति में नया मील का पत्थर बताया।
बड़े ड्रग नेटवर्क से जुड़ा बताया जाता है
बसोया को दिल्ली और पुणे में सामने आए बड़े ड्रग मामलों से जोड़कर देखा जा रहा है। वह कथित तौर पर संदीप धुनिया का करीबी सहयोगी बताया जाता है। धुनिया पर दिल्ली में बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों की बरामदगी से जुड़े मामले में मुख्य आरोपी होने का आरोप है।
बसोया की भारत वापसी को अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के खिलाफ भारतीय एजेंसियों की कार्रवाई में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब संबंधित मामलों में उससे पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।


