चंडीगढ़ में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के मोबाइल फोन और पर्स गायब होने का मामला सामने आया है। कांग्रेस के मुताबिक, करीब 60 लोगों के फोन और कीमती सामान चोरी हुए हैं। पुलिस ने जेबकतरी के शक में दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
सचिन पायलट के नेतृत्व में निकला था मार्च
15 सितंबर को पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चंडीगढ़ में प्रदर्शन किया। यह मार्च पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के आधिकारिक आवास की ओर निकाला गया था।
कांग्रेस नेता चीमा के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। पार्टी का आरोप है कि संगरूर के दिहाड़ी मजदूर गुलजार सिंह की आत्महत्या के मामले में वित्त मंत्री की भूमिका पर सवाल उठते हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी। जब प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान कुछ कांग्रेस नेताओं के घायल होने की भी जानकारी सामने आई।
प्रदर्शन के बीच अचानक गायब होने लगे फोन और पर्स
मार्च के दौरान कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पता चला कि उनकी जेब से मोबाइल फोन और दूसरे कीमती सामान गायब हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि करीब 60 पार्टी कार्यकर्ताओं के मोबाइल फोन गायब हुए हैं।
इनमें एक सांसद, पंजाब कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के बेटे और एक डिप्टी एडवोकेट जनरल समेत कई लोगों के फोन और पर्स शामिल बताए जा रहे हैं। कई नेताओं ने मामले की शिकायत चंडीगढ़ पुलिस से की है।
कांग्रेस नेताओं को शक है कि भीड़ का फायदा उठाकर जेबकतरी की गई।
पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया
चंडीगढ़ पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, जेबकतरी के शक में दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। पुलिस को कई शिकायतें मिली हैं और मामले की जांच की जा रही है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि कुछ शिकायतों में मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामान के गायब होने की जानकारी दी गई है। पुलिस फिलहाल यह पता लगाने में जुटी है कि प्रदर्शन के दौरान सामान कैसे गायब हुआ और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
प्रदर्शन के दौरान कई नेता हिरासत में लिए गए
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के आवास की ओर बढ़ रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया। बैरिकेड पार करने की कोशिश के दौरान पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
इसके बाद पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा और कई अन्य नेताओं को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक कुलजीत सिंह नागरा समेत कुछ नेताओं के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
अब पुलिस जांच पर नजर
चंडीगढ़ पुलिस ने मामले में शिकायतें मिलने की पुष्टि की है और जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी की घटनाएं किस जगह और किस तरह हुईं।
फिलहाल दो संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि प्रदर्शन के दौरान गायब हुए मोबाइल फोन और पर्स के पीछे कौन लोग थे और कितने सामान की वास्तव में चोरी हुई।


