नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को जोरदार हंगामा देखने को मिला। आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों ने कथित चावल घोटाले के मुद्दे पर प्रदर्शन करते हुए खाद्य मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा के इस्तीफे की मांग की। हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने 8 AAP विधायकों को मार्शल के जरिए सदन से बाहर करा दिया।
चावल के मुद्दे पर AAP का प्रदर्शन
AAP विधायक सदन में चावल से भरी बोरियां और पोस्टर लेकर पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्षी विधायकों ने चावल वितरण में कथित अनियमितताओं को लेकर चर्चा कराने और मंजींदर सिंह सिरसा के इस्तीफे की मांग की।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कुछ चावल सदन में भी फेंके गए। दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने आरोप लगाया कि AAP विधायक कुलदीप कुमार ने अपनी जेब से चावल निकालकर सदन में मौजूद सदस्यों और अधिकारियों की ओर फेंका।
स्पीकर ने 8 विधायकों को बाहर कराया
लगातार नारेबाजी और हंगामे के बाद विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कार्रवाई करते हुए 8 AAP विधायकों को मार्शल से सदन से बाहर करा दिया।
बाहर किए गए विधायकों में संजीव झा, जरनैल सिंह, कुलदीप कुमार, सोम दत्त, अजय दत्त, वीरेंद्र कादियान, सुरेंद्र कुमार और चौधरी जुबैर अहमद शामिल हैं।
स्पीकर ने सदन में अनुशासन बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने विपक्ष पर लगातार तीन दिनों से सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप भी लगाया।
मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा ने आरोपों को नकारा
विवाद के केंद्र में रहे दिल्ली के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा ने AAP के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने न तो चावल खरीदा और न ही बेचा है।
सिरसा के मुताबिक, एक कंपनी ने चावल से संबंधित मामला सरकार के सामने रखा था और उन्होंने केवल उस पर विचार करने के लिए कहा था। उन्होंने AAP पर पिछले तीन दिनों से सदन में हंगामा करने का आरोप लगाया और कहा कि वह मानहानि का मुकदमा भी करेंगे।
मामला विशेषाधिकार समिति तक पहुंच सकता है
दिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट ने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने इस मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेजने की बात कही।
इस घटनाक्रम के बाद दिल्ली विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ गया है। अब देखना होगा कि कथित चावल वितरण अनियमितताओं के आरोपों पर आगे सदन में क्या कार्रवाई होती है।


