8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच 50% महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) को मूल वेतन और पेंशन में मर्ज करने की मांग तेज है। हालांकि, सरकार ने अभी इस पर कोई आधिकारिक मंजूरी नहीं दी है। ऐसे में सबकी नजर 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर टिकी है।
केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में बदलाव की उम्मीदों के बीच 8वें वेतन आयोग में महंगाई भत्ते को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि 50% DA को मूल वेतन में और 50% DR को मूल पेंशन में शामिल किया जाए। अगर यह मांग स्वीकार होती है, तो वेतन और पेंशन की गणना पर असर पड़ सकता है। हालांकि, अभी इसे लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
22 और 23 अक्टूबर को मुंबई में होगी बैठक
8वां केंद्रीय वेतन आयोग 22 और 23 अक्टूबर 2026 को मुंबई में बैठक करने जा रहा है। इससे पहले आयोग की बैठक बेंगलुरु में हुई थी। इन बैठकों में कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स और दूसरे संबंधित पक्षों से वेतन, पेंशन, भत्तों और सेवा शर्तों पर सुझाव लिए जा रहे हैं।
आयोग के सामने न्यूनतम मूल वेतन, फिटमेंट फैक्टर, सालाना वेतन वृद्धि और DA-DR जैसे मुद्दे भी हैं। इन पर आने वाली सिफारिशें केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए अहम होंगी।
50% DA-DR मर्ज करने की मांग किसने उठाई?
कर्मचारी संगठनों ने आयोग के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
- कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज एंड वर्कर्स: 50% DA और DR को मूल वेतन और पेंशन में मर्ज करने की मांग।
- नेशनल काउंसिल-JCM: न्यूनतम मूल वेतन 69,000 रुपये और 3.833 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव।
- भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS): न्यूनतम वेतन 72,000 रुपये और 4.0 फिटमेंट फैक्टर की मांग।
ये कर्मचारी संगठनों के प्रस्ताव हैं, सरकार के मंजूर किए हुए फैसले नहीं। अंतिम बदलाव आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेंगे।
DA और DR में क्या अंतर है?
महंगाई भत्ता और महंगाई राहत, दोनों का मकसद बढ़ती महंगाई के असर को कम करना है। लेकिन दोनों अलग-अलग लोगों को दिए जाते हैं।
- महंगाई भत्ता (DA): सेवारत सरकारी कर्मचारियों को मिलता है। इसकी गणना मूल वेतन के आधार पर होती है।
- महंगाई राहत (DR): पेंशनर्स और फैमिली पेंशन पाने वालों को दी जाती है। इसकी गणना मूल पेंशन के आधार पर होती है।
दोनों में आम तौर पर साल में दो बार बदलाव किया जाता है। इनकी दरें महंगाई से जुड़े निर्धारित आंकड़ों और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर तय होती हैं।
क्या सरकार पहले भी DA मर्ज करने से इनकार कर चुकी है?
दिसंबर 2025 में वित्त मंत्रालय ने लोकसभा में बताया था कि मौजूदा महंगाई भत्ते को मूल वेतन में मर्ज करने का कोई प्रस्ताव उस समय सरकार के विचाराधीन नहीं था। सरकार ने कहा था कि महंगाई के असर को कम करने के लिए DA और DR की दरों में समय-समय पर बदलाव किया जाता है।
इसलिए फिलहाल 50% DA-DR को मर्ज किए जाने की चर्चा को मंजूर फैसला नहीं माना जा सकता। कर्मचारियों और पेंशनर्स को आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।
कब आएगी 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट?
8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था। आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए गठन से करीब 18 महीने का समय दिया गया है। इस समयसीमा के हिसाब से रिपोर्ट मई 2027 के आसपास आने की उम्मीद है।
रिपोर्ट आने के बाद भी वेतन, पेंशन और भत्तों में बदलाव आयोग की सिफारिशों पर सरकार के फैसले के अनुसार ही लागू होंगे। तब तक 50% DA-DR को मूल वेतन और पेंशन में मर्ज करने की मांग पर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार रहेगा।


