कंडोम की भी एक्सपायरी डेट होती है। इसलिए किसी भी कंडोम को इस्तेमाल करने से पहले पैकेट पर दी गई मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट देखना जरूरी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कई कंडोम की एक्सपायरी अवधि लगभग 1 से 5 साल तक हो सकती है, हालांकि यह उत्पाद और निर्माता के अनुसार अलग-अलग होती है।
एक्सपायरी के बाद क्यों नहीं करना चाहिए इस्तेमाल?
समय बीतने के साथ कंडोम की सामग्री और उसमें मौजूद लुब्रिकेंट की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इससे उसके फेल होने का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए एक्सपायरी डेट निकल चुके कंडोम का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
सिर्फ एक्सपायरी डेट देखना ही काफी नहीं
कंडोम को सही तरीके से स्टोर करना भी जरूरी है। अगर पैकेट खराब हो, कंडोम असामान्य रूप से सूखा, चिपचिपा या क्षतिग्रस्त नजर आए तो उसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में नया, सही तरीके से पैक किया हुआ उत्पाद लेना बेहतर है।
सेफ्टी के लिए इन बातों का रखें ध्यान
- पैकेट पर एक्सपायरी डेट जरूर देखें।
- पैकेट फटा या क्षतिग्रस्त हो तो इस्तेमाल न करें।
- उत्पाद को अत्यधिक गर्मी या ऐसी जगह रखने से बचें जहां पैकेट खराब हो सकता है।
- एक्सपायरी डेट निकल चुके उत्पाद को इस्तेमाल न करें।
कंडोम का मुख्य उद्देश्य गर्भावस्था और यौन संक्रमणों के जोखिम को कम करना है, इसलिए इसकी गुणवत्ता और वैधता पर ध्यान देना जरूरी है।

