नई दिल्ली: झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है। राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों से खुद मुलाकात करने और उनकी समस्याएं सुनने की अपील की है।
राहुल गांधी ने हेमंत सोरेन से क्या कहा?
राहुल गांधी ने अपने पत्र में कहा कि झारखंड में छात्रों का आंदोलन शांतिपूर्ण है और उनकी मांगें जायज हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का प्रदर्शनकारी छात्रों से सीधे मिलना सरकार की ओर से उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेने का संदेश देगा।
राहुल गांधी ने हेमंत सोरेन से अपील की कि वे छात्रों के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत करें और उनकी बची हुई मांगों के समाधान की दिशा में उचित कदम उठाएं।
भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर आंदोलन
झारखंड में छात्र JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित गड़बड़ियों की जांच और कुछ परीक्षाओं को रद्द करने जैसी मांगें उठा रहे हैं।
आंदोलन के दौरान कुछ छात्रों ने भूख हड़ताल भी शुरू की है। प्रदर्शनकारियों की ओर से कुछ मामलों में सीबीआई जांच की मांग भी की गई है। इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार पर लगातार राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है।
राहुल गांधी पहले भी छात्रों के समर्थन में बोल चुके हैं
राहुल गांधी इससे पहले भी झारखंड के छात्र आंदोलन को लेकर अपनी बात रख चुके हैं। उन्होंने कहा था कि सरकारों को छात्रों की बात सुननी चाहिए और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों का समाधान करना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग को लेकर भी उन्होंने सरकार की आलोचना की थी।
हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्रों की ओर से राहुल गांधी को लेकर भी नाराजगी सामने आई है। हाल में कुछ छात्रों ने राहुल गांधी और हेमंत सोरेन के पुतले जलाकर विरोध जताया और आरोप लगाया कि समर्थन के बावजूद उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
हेमंत सोरेन सरकार पर बढ़ रहा दबाव
छात्र आंदोलन के बीच हेमंत सोरेन सरकार पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने पहले छात्रों को राजनीतिक बहकावे में नहीं आने की अपील की थी और बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालने की बात कही थी।
अब राहुल गांधी की चिट्ठी के बाद सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच बातचीत की उम्मीद बढ़ी है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि मुख्यमंत्री खुद छात्रों से मुलाकात करते हैं या नहीं और उनकी प्रमुख मांगों पर क्या फैसला लिया जाता है।

