नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच अमेरिका की पूर्व सांसद मार्जरी टेलर ग्रीन के एक दावे ने नई बहस छेड़ दी है। ग्रीन ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी प्रशासन की रणनीतिक बैठकों में ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की संभावना पर चर्चा हो रही है। हालांकि, उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया है।
ग्रीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यह सिर्फ अटकल नहीं है, बल्कि उन्हें इसकी जानकारी है। उन्होंने संभावित परमाणु हमले को बेहद गंभीर और गलत कदम बताया।
ट्रंप प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
मार्जरी टेलर ग्रीन ने दावा किया कि अमेरिकी सरकार ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अपनी खुफिया एजेंसियों के आकलन को नजरअंदाज कर रही है और इजरायल की चेतावनियों को ज्यादा महत्व दे रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रीन ने यह भी चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल किया तो इससे संघर्ष और ज्यादा खतरनाक रूप ले सकता है और व्यापक स्तर पर तबाही का खतरा पैदा हो सकता है।
क्या सच में ईरान पर परमाणु हमला होगा?
फिलहाल ऐसा कोई आधिकारिक ऐलान सामने नहीं आया है कि अमेरिका ईरान पर परमाणु हमला करने जा रहा है। ग्रीन का बयान एक राजनीतिक दावा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे अमेरिका की आधिकारिक परमाणु हमले की योजना के तौर पर देखना सही नहीं होगा।
अमेरिका और ईरान के बीच पहले से ही गंभीर तनाव बना हुआ है और परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों देशों के बीच विवाद लंबे समय से चला आ रहा है।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भी विवाद
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और इजरायल के आकलन में लंबे समय से अंतर रहा है। अमेरिकी खुफिया आकलनों में ईरान के परमाणु हथियार बनाने की स्थिति को लेकर अलग निष्कर्ष सामने आते रहे हैं, जबकि इजरायल ने ईरान को गंभीर परमाणु खतरा बताया है।
इसी मतभेद को लेकर ग्रीन ने ट्रंप प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को और आगे बढ़ाना बड़े खतरे को जन्म दे सकता है।
बढ़ते तनाव के बीच आया बयान
ग्रीन का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की कोशिशों के बावजूद स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। इसी बीच ईरान के साथ संघर्ष और उसके क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर अमेरिका में भी राजनीतिक मतभेद सामने आ रहे हैं।
ग्रीन पहले भी ईरान को लेकर ट्रंप प्रशासन की नीतियों की आलोचना कर चुकी हैं। उनके ताजा बयान ने अमेरिका की ईरान नीति और संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर नई राजनीतिक बहस शुरू कर दी है।

